शिमला के चौड़ा मैदान में अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की पुलिस के साथ बुधवार शाम के वक्त झड़प हो गई। दरअसल, शिमला पुलिस आमरण अनशन पर बैठे टैक्सी ऑपरेटर की तबीयत बिगड़ने पर उठे उठाकर अस्पताल ले गई। इस पर टैक्सी ऑपरेटर भड़क गए। इसके बाद एक महिला ऑपरेटर काफी देर तक सड़क पर लेट गई। टैक्सी ऑपरेटरों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर एंड ड्राइवर एसोसिएशन के बैनर तले टैक्सी ऑपरेटर 25 अगस्त से शिमला के चौड़ा मैदान में अनशन पर बैठे हुए है। एक ऑपरेटर आमरण अनशन पर बैठा था, उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस आज उसे अस्पताल ले जाने पहुंची। इस दौरान यह हंगामा हो गया। मौके पर तनावपूर्ण हुआ माहौल इससे मौके पर कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटरों को पंजाब से भी टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों का समर्थन मिला है। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के सामने उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला। टैक्सी ऑपरेटर परमिट की अवधि 15 साल से घटाकर 12 साल करने का विरोध कर रहे है। परमिट का आधार फिटनेस हो ऑपरेटरों का कहना है कि परमिट की अवधि गाड़ी की फिटनेस के आधार पर तय होनी चाहिए। 12 साल की शर्त टैक्सी ऑपरेटरों के साथ धोखा है।