लाहौल एवं स्पीति जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए ‘एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम’ के तहत छह दिवसीय नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। उपायुक्त किरण भड़ाना ने केलांग उपमंडल की ग्राम पंचायत गौशाल में अभियान का शुभारंभ किया। उपायुक्त ने कहा कि जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। इससे कुत्तों के काटने की घटनाओं के साथ रेबीज जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि नसबंदी अभियान आवारा कुत्तों की संख्या को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने का प्रभावी माध्यम है। उपनिदेशक बोलीं- 30 आवारा कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. पूनम ठाकुर ने बताया कि 24 से 26 अगस्त तक केलांग उपमंडल में 30 आवारा कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 27 से 29 अगस्त तक उदयपुर उपमंडल में भी 30 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग ने पिछले वर्ष 50 आवारा कुत्तों की नसबंदी की थी, जबकि जिले में 534 कुत्तों को एंटी-रेबीज टीका लगाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में एबीसी कार्यक्रम-2023 को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने ग्राम पंचायत गौशाल के प्रधान रमेश चंद, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। अभियान का आयोजन मनाली की एनजीओ ‘मनाली स्ट्रेज’ के सहयोग से किया जा रहा है।