हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं से जुड़े पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) नियमों में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण 10वीं और 12वीं कक्षा में करने के बजाय क्रमशः 9वीं और 11वीं कक्षा में ही मुकम्मल कर लिया जाएगा। यह नियम हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त सभी सरकारी और निजी (प्राइवेट) स्कूलों के विद्यार्थियों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से अंतिम समय पर परीक्षा के दौरान होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा। परीक्षा विनियमों में हुआ संशोधन, जानें कब तक वैध रहेगा पंजीकरण हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सोमवार (24 अगस्त) को इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने अपनी कार्यप्रणाली को सुगम बनाने के लिए ‘परीक्षा विनियम, 1994’ के अध्याय-18 के नियम 18.1 में आवश्यक संशोधन किया है। संशोधित नियमों के अनुसार: 9वीं कक्षा का पंजीकरण: विद्यार्थी द्वारा कक्षा 9वीं में किया गया बोर्ड पंजीकरण तब तक पूरी तरह वैध (Valid) रहेगा, जब तक वह अपनी 10वीं (मैट्रिक) की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेता। 11वीं कक्षा का पंजीकरण: इसी प्रकार, 11वीं कक्षा के दौरान किया गया पंजीकरण विद्यार्थी के 12वीं (वरिष्ठ माध्यमिक) की परीक्षा पास करने तक मान्य रहेगा। विशेष परिस्थिति: बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यार्थी किसी अन्य राज्य के बोर्ड या विश्वविद्यालय से सीधे (Direct Entry) हिमाचल बोर्ड की 10वीं या 12वीं कक्षा में प्रवेश लेता है, तो उसे एचपी स्कूल शिक्षा बोर्ड में एक नए अभ्यर्थी (Fresh Candidate) के रूप में अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। 15 अक्टूबर तक बिना लेट फीस कर सकेंगे आवेदन बोर्ड ने इस नई पंजीकरण प्रक्रिया के लिए समय-सीमा और शुल्क का निर्धारण भी कर दिया है, जो इस प्रकार है: महत्वपूर्ण नोट: निर्धारित अंतिम तिथि (15 नवंबर) बीत जाने के बाद, बोर्ड अध्यक्ष की विशेष पूर्व अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में कोई भी पंजीकरण आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को सख्त निर्देश, अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों (Principals) और मुख्याध्यापकों (Headmasters) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल प्रमुख इस संशोधित नियम के अनुसार तय समय-सीमा के भीतर अपने स्कूलों के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। समय पर पंजीकरण न होने की स्थिति में यदि किसी छात्र का साल खराब होता है या उसे परेशानी आती है, तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल स्तर पर होगी। इसके साथ ही बोर्ड ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे पंजीकरण की तारीखों और आगामी अपडेट्स के लिए किसी भी अफवाह में न आएं और केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (hpbose.org) तथा अन्य प्रामाणिक माध्यमों पर ही नियमित रूप से नजर रखें।