मंडी से ‌BJP सांसद कंगना रनोट ने Gen Z वाले बयान पर सफाई दी है। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर कहा कि उन्होंने पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद ‘नस्ल’ को लेकर था। सफाई देते हुए कंगना ने राहुल गांधी और शबाना आजमी का नाम भी घसीटा। कंगना ने कहा- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही जुटे थे, जबकि में देश में युवाओं की आबादी 30 से 35 करोड़ है। ऐसे में पूरे Gen Z को उस प्रदर्शन से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर में हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। सांसद ने सवाल उठाया कि किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है। कंगना की सफाई ऐसे समय आई है, जब उनके बयान को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने उन पर युवाओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। सांसद की चुनौती- ‘मेरा ऐसा कोई बयान दिखाइए’ कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी पूरी पीढ़ी को लेकर टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कांग्रेस और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि उनका ऐसा कोई ‘स्पेसिफिक कोट’ दिखाया जाए, जिसमें उन्होंने पूरी पीढ़ी को शामिल किया हो। राहुल गांधी को भी लपेटा कंगना ने कहा कि वह युवाओं के खिलाफ नहीं हो सकतीं, क्योंकि वह खुद युवा हैं। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उम्र को लेकर भी तंज कसा और कहा कि वह राहुल गांधी की तरह 55-60 साल की उम्र में खुद को युवा नहीं कहतीं। क्या है पूरा विवाद ‘जेनरेशन गटर’ कहने पर हुआ था विवाद दरअसल, कंगना ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट किया था, जिसमे कंगना ने महिलाओं पर भी निशाना साधा और युवाओं को ‘गटरछाप’ कहा था। कंगना ने सोशल मीडिया से लिखा था, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ कंगना के इस बयान पर देशभर में बवाल मचा हुआ है।

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