महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर (एमजीएमसी) खनेरी अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बेड की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 1200 से अधिक ओपीडी दर्ज की जा रही है, जिससे मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। वीरवार को कई वार्डों में स्थिति यह थी कि एक ही बेड पर 3-3 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। मुकेश कुमार, जगमों देवी, अलका नेगी, मनोज कुमार, अतुल कुमार, तिलक राज, अनिल कुमार और राजीव सहित कई मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि एक बेड पर एक से अधिक मरीज होने से उन्हें काफी असुविधा हो रही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। कई जिलों से यहां आते हैं पेशेंट खनेरी अस्पताल रामपुर के साथ-साथ शिमला, किन्नौर, मंडी और कुल्लू जिलों के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के कारण अस्पताल पर लगातार दबाव बना रहता है, जिसकी पुष्टि रोजाना की 1200 से अधिक ओपीडी संख्या करती है। बेड क्षमता बढ़ाने की मांग लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या और उनकी जरूरतों को देखते हुए बेड की क्षमता बढ़ाई जाए। साथ ही, वार्डों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाकर मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। पूर्व प्रत्याशी कौल सिंह नेगी ने जताई चिंता भाजपा नेता और रामपुर के पूर्व प्रत्याशी कौल सिंह नेगी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खनेरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है और एक बेड पर 3-3 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने विधायक से इस समस्या के समाधान के लिए सरकार के समक्ष अस्पताल में बेड बढ़ाने की मांग करने का आग्रह किया।