ट्रैवल हैप्पीनेस इंडेक्स रिपोर्ट में बताया गया कि 96 प्रतिशत भारतीय परेशानी आने पर यात्रा को रद्द करने के बजाय उसमें बदलाव करने को तैयार रहते हैं। वे यात्रा को पर्सनल डेवलपमेंट के लिए जरूरी मानते हैं। 

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