अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज से नड्डी को जोड़ने वाली माल रोड पर हर बरसात भूस्खलन हो रहा है। लगातार बारिश के कारण सड़क के कई हिस्से भूस्खलन की चपेट में हैं, जिससे देवदार के पेड़ उखड़ रहे हैं और धर्मशाला शहर की मुख्य पेयजल लाइन भी बार-बार टूट रही है। इससे यातायात और शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। लोगों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से हर मानसून में इस क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा है। हालांकि, स्थायी समाधान के बजाय हर बार केवल अस्थायी मरम्मत की जाती है। बारिश शुरू होते ही सड़क के किनारे की मिट्टी धंसने लगती है और पानी के तेज बहाव के साथ पहाड़ी का हिस्सा नीचे खिसक जाता है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस भूस्खलन का मुख्य कारण सड़क पर उचित जल निकासी प्रणाली का अभाव है। बारिश का पानी सड़क और पहाड़ी के भीतर जाने के बजाय कई स्थानों पर जमा होकर सीधे ढलान की ओर बहता है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है, पहाड़ी का संतुलन बिगड़ता है और धीरे-धीरे यह पानी सड़क के किनारे की जमीन को काटकर भूस्खलन का रूप ले लेता है। चिंताजनक बात यह है कि यह सड़क, जो देश-विदेश के पर्यटकों को नड्डी और मैक्लोडगंज से जोड़ती है, लगातार कमजोर हो रही है। सड़क के किनारे कई स्थानों पर दरारें और धंसाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यदि भारी बारिश का दौर जारी रहता है, तो सड़क के बड़े हिस्से को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है। पेड़ों की जड़ें कमजोर स्लाइडिंग के कारण इस क्षेत्र के पुराने देवदार के पेड़ भी लगातार खतरे में हैं। हर वर्ष बारिश के दौरान कई पेड़ जड़ों समेत गिर रहे हैं। पहाड़ी की मिट्टी खिसकने से पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और वे सड़क या ढलान की ओर गिर जाते हैं। इससे सड़क पर चलने वाले वाहन और पर्यटक दोनों जोखिम में आ जाते हैं।