पटियाला पुलिस धर्मशाला पुलिस स्टेशन से अग्निवीर भर्ती ठगी मामले के 2 आरोपियों को अपने साथ ले गई है। इन आरोपियों को धर्मशाला में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में पकड़ा गया था। पटियाला पुलिस ने इन्हें वहां दर्ज मुख्य मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया है। आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट की सटीक सूचना पर धर्मशाला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों को अभ्यर्थियों को विजिटिंग कार्ड बांटते समय दबोचा था। इस अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश पटियाला के पोलो ग्राउंड में चल रही अग्निवीर भर्ती के दौरान हुआ था। पटियाला पुलिस के एएसआई दीपक शर्मा की अगुवाई में की गई चेकिंग के दौरान इस साजिश का खुलासा हुआ।पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। इससे इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में मदद मिलेगी। आरोपी हरियाणा के रहने वाले थाना सिविल लाइन्स पटियाला में एफआईआर नंबर 0196 दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस एफआईआर में करनाल निवासी संजीव कुमार और विशाल कुमार सहित अन्य अज्ञात साथियों को नामजद किया गया है। ये आरोपी हरियाणा नंबर की हुंडई क्रेटा कार (HR 05 BP 5645) व अन्य वाहनों में आकर युवाओं को झांसा दे रहे थे। आरोपियों की पहचान रमन (27 वर्ष) पुत्र बलवान सिंह, निवासी गांव पिछोलिया, डाकघर जुंडला, करनाल (हरियाणा) और शुभम (30 वर्ष) पुत्र रमेश, निवासी गांव अपराणा, डाकघर मूनक, करनाल (हरियाणा) के रूप में हुई है। गिरोह भर्ती स्थल के आसपास सक्रिय रहता था पुलिस जांच और दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह गिरोह भर्ती स्थल के आसपास सक्रिय रहता था। गिरोह का मुख्य लक्ष्य वे युवा होते थे जो फिजिकल टेस्ट में असफल हो जाते थे या मेडिकल जांच में अनफिट/रिजेक्ट कर दिए जाते थे।आरोपी अपनी ‘ऊंची पहुंच’ का झूठा दावा कर अनफिट युवाओं को पास करवाने का लालच देते थे और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।