हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने धर्मशाला में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां कानून के तहत स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। राजनीतिक बयानों से प्रभावित नहीं होतीं। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बुलडोजर संस्कृति का समर्थन नहीं करती, बल्कि अवैध संपत्तियों को जब्त कर उन्हें गरीबों में बांटने की नीति पर काम करेगी। मनोज ठाकुर ने सुधीर शर्मा के “मुझे अंदर करके दिखाएं” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि जांच एजेंसियों को किसी मामले में कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी की आवश्यकता महसूस होगी, तो वे बिना किसी के हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से अपना काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत मिलना या न मिलना व्यक्ति की इच्छा पर नहीं, बल्कि अपराध की गंभीरता व अदालत की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। बुलडोजर संस्कृति का समर्थन नहीं करती सरकार भाजपा शासित राज्यों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए वूल फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा कि वहां राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को दबाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके विपरीत, हिमाचल की राज्य सरकार इस प्रकार की बुलडोजर संस्कृति का समर्थन नहीं करती। यदि राज्य में कहीं भी कोई अवैध संपत्ति पाई जाती है, तो सरकार उसे ध्वस्त करने के बजाय जब्त करेगी और उस संपत्ति को गरीबों तथा जरूरतमंदों के कल्याण के लिए वितरित करेगी। गद्दी समाज एक स्वाभिमानी समुदाय है मनोज ठाकुर ने गद्दी समुदाय से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गद्दी समाज एक स्वाभिमानी समुदाय है। अपने सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करता। उन्होंने अतीत में गद्दी समुदाय के लोगों के साथ हुए दुर्व्यवहार और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज इसे भूला नहीं है। आने वाले समय में जनता तथा गद्दी समुदाय इसका जवाब देंगे।