हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सेशन 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि सत्र में 10 बैठकें प्रस्तावित है। सेशन से पहले उन्होंने आज (शुक्रवार को) लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की है। पठानिया ने कहा कि हर सत्र से पहले इस तरह की समीक्षा बैठक की जाती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सत्र के दौरान विधायकों, मीडिया और अन्य अधिकृत लोगों की आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही यदि किसी प्रकार का प्रदर्शन या विरोध-प्रदर्शन होता है तो उससे निपटने के लिए भी आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। कुलदीप पठानिया ने कहा कि 14वीं विधानसभा के अब तक हुए सभी सत्र शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं। इस बार भी कानून व्यवस्था बनाए रखने का पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर सभी सदस्यों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों और प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। प्रश्न और नोटिस आने शुरू: पठानिया विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र के लिए प्रश्नों और विभिन्न नियमों के तहत नोटिस आने शुरू हो गए हैं। इन्हें सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधानसभा हर वर्ष निर्धारित बैठकों की संख्या पूरी करने का प्रयास करती है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर भी बोले अपने गृह क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान के सवाल पर पठानिया ने कहा कि जहां-जहां नुकसान की सूचना मिली है, वहां सरकार ने कार्रवाई की है। अधिकांश बंद सड़कों को जल्द यातायात के लिए खोल दिया गया है और शेष स्थानों पर भी काम जारी है। पेपर लीक पर जताई चिंता पेपर लीक की घटनाओं पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं युवाओं, अभिभावकों और पूरे समाज का भरोसा तोड़ती हैं। इसलिए प्रशासन और सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए तथा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति ऐसे मामलों में दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।