नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतंत्र के बजाय प्रतिशोध की राजनीति हावी है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार भाजपा नेताओं, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासन का दुरुपयोग कर निशाना बना रही है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि सरकार बनने के बाद से विकास कार्य रोके गए हैं और कई संस्थानों को बंद किया गया है। इसके साथ ही राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, होशियार सिंह, आशीष शर्मा और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी सहित कई नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। ठाकुर ने कहा कि यह सब प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा है। कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर जताई चिंता नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई करने में लगा है, जबकि हत्या, गोलीकांड और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। विपक्ष के खिलाफ प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के खिलाफ मामलों में प्रशासनिक मशीनरी तुरंत सक्रिय हो जाती है।जयराम ठाकुर ने पुलिस विभाग के ‘हार्मनी ऑफ पाइंस ऑर्केस्ट्रा’ विवाद और कथित फोन टैपिंग के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से राजनीतिक दबाव में काम न करने और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की। ठाकुर ने बताया कि भाजपा कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन, सत्ता के दुरुपयोग और जनविरोधी निर्णयों से जुड़े मामलों की दस्तावेजी चार्जशीट तैयार कर रही है। इस चार्जशीट को प्रदेशभर में जनजागरण अभियान के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा।