किन्नौर में भगवान शिव के दर्शन के लिए प्रसिद्ध किन्नर कैलाश यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। पहले ग्लेशियर पिघलने और लैंडस्लाइड के खतरे के कारण इसे अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था। अब सुरक्षा और मरम्मत कार्य पूरे होने के बाद यात्रा का संचालन शुरू किया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देश और रैकी टीम की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने यात्रा को हरी झंडी दी है। इस वर्ष यात्रा के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत प्रतिदिन केवल 375 श्रद्धालुओं को ही अनुमति मिलेगी। इसमें 175 ऑनलाइन, 125 ऑफलाइन और 75 स्लॉट एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के जरिए आवंटित किए गए हैं। बिना वैध पंजीकरण के अनुमति नहीं मिलेगी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पंजीकरण के किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। यात्रा केवल निर्धारित तंलगिंग-मेलिंग खट्टा-गुफा मार्ग से ही की जा सकेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न पड़ावों पर चिकित्सा दल, पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। यह यात्रा 10 जुलाई तक चलेगी। इससे पहले, किन्नौर जिले के टुकपा खुनाग की कई पंचायतों के ग्रामीणों ने किन्नर कैलाश में बढ़ती गंदगी के कारण यात्रा बंद करने की मांग की थी और ज्ञापन भी सौंपा था। रिकांगपिओ में इस संबंध में एक रैली भी निकाली गई थी। न्यायालय ने यात्रा शुरू करने के दिए थे निर्देश दूसरी ओर, एक सोसायटी ने किन्नर कैलाश यात्रा शुरू करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। न्यायालय ने प्रशासन को यात्रा शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह यात्रा अब शुरू की गई है। आज सुबह 11:14 बजे तक 50 ऑनलाइन और 42 ऑफलाइन पंजीकरण दर्ज किए गए थे।