अयोध्या राम मंदिर के बाद हिमाचल प्रदेश के मशहूर माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए जारी किए जाने वाले ‘सुगम पास’ से जुड़े डिजिटल भुगतान में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में एक ही दिन के करीब 80 संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन मिले है। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी संजीव कुमार ने इसे लेकर पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला QR कोड के जरिए किए गए भुगतान और ट्रांजैक्शन आईडी में कथित हेरफेर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार- सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड की जांच के दौरान पाया गया कि कई सुगम पासों के भुगतान का माध्यम QR कोड दर्शाया गया था, लेकिन अलग-अलग पासों में एक ही ट्रांजैक्शन आईडी और एक ही मोबाइल नंबर दर्ज था। सामान्य डिजिटल भुगतान प्रणाली में प्रत्येक भुगतान की अलग ट्रांजैक्शन आईडी होती है। ऐसे में एक ही आईडी का बार-बार इस्तेमाल गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है। श्रद्धालु की शिकायत के बाद खुला मामला जानकारी के अनुसार, एक श्रद्धालु जब दर्शन के लिए मंदिर पहुंचा तो उसका वैध सुगम पास ऑनलाइन प्रणाली में पहले से ही ‘यूज्ड’ दिखाया गया। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि जितने सुगम पासों के लिए QR भुगतान दर्ज था, उतने भुगतान का रिकॉर्ड वास्तविक रूप से मेल नहीं खा रहा था। प्रारंभिक जांच में एक दिन में करीब 80 लेन-देन संदिग्ध पाए गए हैं। लॉगिन आईडी के दुरुपयोग की भी आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने सिस्टम की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी ट्रांजैक्शन आईडी दर्ज करते हुए सुगम पास जारी किए, जिससे मंदिर न्यास को आर्थिक नुकसान की आशंका है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की ऊना के पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि मंदिर प्रशासन की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन विवरण और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। बता दें कि चिंतपूर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए ‘सुगम पास’ की व्यवस्था है। इसके एवज में श्रद्धालुओं से कुछ राशि चार्ज की जाती है और उन्हें सुगम पास जारी किए जाते है। इन पास को जारी करने में कथित अनियमित्ताओं के आरोप लग रहे है।

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