हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलनरत छात्रों के संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया है। उन्होंने यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हरोली द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कही। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षाओं में कथित धांधलियों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया था। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया। कांग्रेस ने मजबूती से उठाया छात्रों का मुद्दा : डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों के मुद्दों को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाया। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा साबित करता है कि युवाओं की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता, यह देश के युवाओं के संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है। मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग उपमुख्यमंत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार से छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने नीट पेपर लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग दोहराई। अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में छात्रों को दमन का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों, युवाओं और शिक्षा के अधिकार के पक्ष में खड़ी रही है और उनके हितों तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणजीत सिंह राणा, ब्लॉक कांग्रेस हरोली के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह और परिवहन निगम सदस्य अशोक ठाकुर सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Spread the love