स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंडी जिले के गोहर में गुरुवार शाम कानूनगो, पटवारी और उनके सहायक को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है। तीनों पर जमीन के म्यूटेशन के बदले दो लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाया। इस दौरान सहायक को एक लाख रुपए की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर कानूनगो और पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। शिकायतकर्ता पूर्ण चंद ने विजिलेंस थाना मंडी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान जमीन के म्यूटेशन के लिए दो लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए लेने के लिए दोनों अधिकारियों ने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा था। विजिलेंस ने पहले सहायक पकड़ा, फिर कानूनगो-पटवारी शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने आरोपों की पुष्टि की और गोहर में सुनियोजित तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। ललित कुमार से पूछताछ के बाद विजिलेंस ने कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिन में रिटायर होने वाला था कानूनगो बंसीलाल कानूनगो बंसी लाल कुछ ही दिनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विजिलेंस थाना मंडी में तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि रिश्वत मांगने की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा सके।