हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएचपी) का देहरा परिसर जनवरी 2027 से नए शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार होने की उम्मीद है। कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने बताया कि परिसर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो देहरा परिसर से ही विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। हालांकि, कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण दो से चार माह की देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुलपति ने जानकारी दी कि परिसर में पानी, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, और यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन निर्माण कार्य और आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगातार जुटा हुआ है। यह जानकारी कुलपति प्रोफेसर प्रकाश बंसल ने आज स्थायी परिसर (निर्माणाधीन), देहरा में आयोजित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद की 87वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। मीडिया से बात करते हुए प्रो. बंसल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय ने यूजीसी के सहयोग से पांच ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं और नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) को प्रभावी ढंग से लागू किया है। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम का पहला बैच भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हो चुका है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए हैं। पिछले दो वर्षों में शिक्षकों को लगभग 25 करोड़ रुपये के शोध प्रोजेक्ट मिले हैं। इसके अतिरिक्त, इसरो के साथ लगभग 40 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना भी पाइपलाइन में है। नौ नए पाठ्यक्रम शुरू किए कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में हाल ही में नौ नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। बढ़ती शैक्षणिक गतिविधियों को देखते हुए देहरा परिसर के विस्तार के लिए लगभग 50 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है। परिसर के दूसरे चरण के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना भी तैयार कर ली गई है।