बिलासपुर जिले के दोहाक गांव निवासी और एसजेवीएन के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा का बुधवार देर रात निधन हो गया। ब्रेन हेमरेज के बाद वह पिछले चार दिनों से पंचकूला के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे। उनके निधन से पावर सेक्टर और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। अपने लंबे प्रशासनिक और प्रबंधकीय अनुभव के बल पर उन्होंने एसजेवीएन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नंद लाल शर्मा ने वर्ष 1989 में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। राज्य सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में जाना जाता था। 2017 में SJVNL के चेयरमैन-MD बने वर्ष 2008 में वह एसजेवीएन से जुड़े और कंपनी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद दिसंबर 2017 से फरवरी 2024 तक चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के पद पर रहे। उनके कार्यकाल में एसजेवीएन ने जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार किया। 2024 में हरियाणा रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन नियुक्त कंपनी ने देश के कई राज्यों के अलावा नेपाल सहित अन्य क्षेत्रों में भी अपनी परियोजनाओं का दायरा बढ़ाया। फरवरी 2024 में एसजेवीएन से रिटायर होने के बाद उन्हें हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां वह ऊर्जा क्षेत्र में अपने अनुभव का योगदान दे रहे थे। नंद लाल शर्मा के निधन को हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी, ईमानदार और कर्मठ अधिकारी बताया। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। आज चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार नंद लाल शर्मा का अंतिम संस्कार आज दोपहर दो बजे चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित श्मशानघाट में किया जाएगा।