धर्मशाला में तिब्बती स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी वीर रंगजेन लोगा की स्मृति में एक विरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च का आयोजन छह गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने संयुक्त रूप से किया, जिसमें बड़ी संख्या में तिब्बती नागरिकों और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी तिब्बती झंडे, बैनर और वीर रंगजेन लोगा के पोस्टर लिए हुए थे। देशभक्ति के नारों और तिब्बत की स्वतंत्रता की मांग के साथ यह मार्च मैकलोडगंज के मुख्य चौक से शुरू होकर तिब्बती शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। आयोजकों ने बताया कि मार्च का मुख्य उद्देश्य रंगजेन लोगा के सर्वोच्च बलिदान को याद करना और नई पीढ़ी को तिब्बती संघर्ष के प्रति जागरूक करना है। रंगजेन लोगा को नायक के रूप में देखता है तिब्बती समुदाय रंगजेन लोगा ने तिब्बत की स्वतंत्रता, मानवाधिकारों की रक्षा और चीनी दमनकारी नीतियों के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। तिब्बती समुदाय में उन्हें एक नायक के रूप में देखा जाता है। आयोजन में शामिल संगठनों के प्रवक्ताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि जब तक तिब्बत को उसका न्यायपूर्ण हक और स्वतंत्रता नहीं मिल जाती। तब तक वीर शहीदों की याद में इस तरह के शांतिपूर्ण आंदोलन और मार्च जारी रहेंगे। उन्होंने जोर दिया कि वीर रंगजेन लोगा का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मार्च के समापन पर एक विशेष प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें दिवंगत आत्मा की शांति और तिब्बत के सुनहरे भविष्य के लिए प्रार्थना की गई।