चंबा जिले के भरमौर प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा-2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाया कुगती परिक्रमा मार्ग से यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। श्रद्धालुओं को केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत मार्ग से ही यात्रा करने की अनुमति होगी। एडीएम भरमौर विकास शर्मा और एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि कुगती परिक्रमा मार्ग अत्यंत दुर्गम और जोखिमपूर्ण है। बरसात में यहां भूस्खलन, ग्लेशियर और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा रहता है, साथ ही मौसम भी अचानक बदल सकता है। प्रशासन से अधिकृत गाइड ही ले जाने की अनुमति प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब केवल पंजीकृत निजी या प्रशासन से अधिकृत गाइड ही श्रद्धालुओं को यात्रा पर ले जा सकेंगे। इन गाइडों के पास यात्रियों के लिए बीमा, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और आपदा की स्थिति में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्षमता होनी अनिवार्य है। संबंधित गाइड को प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी और यात्रा की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई निजी गाइड या अन्य व्यक्ति प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करते हुए श्रद्धालुओं को प्रतिबंधित मार्ग से ले जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित मार्ग पर नहीं मिलेगी सरकारी सुविधाएं प्रशासन ने बताया कि प्रतिबंधित मार्ग पर मेडिकल सहायता, संचार, बीमा और आपदा राहत जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। पिछले वर्ष इसी मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं में कई श्रद्धालुओं की जान गई थी। इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया गया है। श्री मणिमहेश यात्रा-2026 का आधिकारिक आयोजन 4 सितंबर से 19 सितंबर तक होगा। अब तक करीब 5 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। श्री मणिमहेश ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अगस्त के दूसरे सप्ताह से हेली-टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी।

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