रामपुर में जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों की प्रसिद्ध व अत्यधिक जोखिम भरी ‘श्रीखंड महादेव यात्रा’ को लेकर ग्राम पंचायत फांचा ने श्रद्धालुओं के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। पंचायत ने कहा है कि जिला प्रशासन से आधिकारिक और औपचारिक अनुमति मिलने से पहले यदि कोई भी व्यक्ति इस यात्रा पर जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कदम श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, श्रीखंड महादेव यात्रा को अभी तक प्रशासन से ऑफिशियल मंजूरी (क्लीयरेंस) नहीं मिली है। इस वजह से वर्तमान में किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है।प्रशासन द्वारा यात्रा से संबंधित सुरक्षा इंतजाम, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी तैयारियां पूरी होते ही जल्द ही यात्रा के लिए आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी। नियम तोड़ने पर बीएनएस की धारा 163 के तहत होगी कार्रवाई पंचायत ने साफ तौर पर आगाह किया है कि यदि कोई भी श्रद्धालु नियमों की अनदेखी कर चोरी-छिपे यात्रा शुरू करता है या सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से दूसरों को इसके लिए उकसाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। पहाड़ी रास्तों पर मौसम की अनिश्चितता और खतरों को देखते हुए ही यह पाबंदी लगाई गई है। अफवाहों से बचें और निर्देशों का पालन करें ग्राम पंचायत फांचा के उपप्रधान सुभाष ने देश-विदेश से आने वाले सभी शिवभक्तों और श्रद्धालुओं से प्रशासन व पंचायत का सहयोग करने का आग्रह किया है। उपप्रधान सुभाष की अपील है कि “श्रद्धालु यात्रा शुरू होने को लेकर सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। आधिकारिक अनुमति मिलने के बाद और पूरी प्रशासनिक देखरेख में ही यात्रा करना सभी की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है। इसलिए अनुमति जारी होने का इंतजार करें और उसके बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।”

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