जनजातीय जिला किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर ‘लाल ढांक’ (रल्ली) के पास एक बड़ा भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से अचानक भारी चट्टानें और मलबा गिरने के कारण यह मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही थम गई है। चट्टानें गिरने की गूंज से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय पहाड़ी से विशालकाय चट्टानें नीचे गिरीं, उस वक्त वहां से कोई भी वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था। इसके चलते एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी भी प्रकार के जानी नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, मार्ग बंद होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन अलर्ट; पत्थर रुकते ही शुरू होगा बहाली का काम घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और बीआरओ (BRO) की टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मार्ग को जल्द से जल्द खुलवाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। ‘पटेल कंपनी’ की भारी मशीनरी को मौके पर तैनात कर दिया गया है। मार्ग पर अभी भी ऊपर से लगातार पत्थर (शूटिंग स्टोन) गिर रहे हैं, जिससे काम शुरू करने में बाधा आ रही है। किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि “लाल ढांक के पास शूटिंग स्टोन के कारण एनएच-5 अवरुद्ध हुआ है। मौके पर मशीनें मुस्तैद हैं। जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरना पूरी तरह बंद होगा, सड़क को साफ करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि मार्ग बहाल होने तक वे इस रास्ते पर यात्रा करने से बचें।” इंटरनेट सेवा ठप, शिल्ती रोड के जरिए मिल रही राहत भूस्खलन के कारण जहां यातायात ठप हुआ है, वहीं इसका असर संचार व्यवस्था पर भी पड़ा है। चट्टानें गिरने से बीएसएनएल (BSNL) की मुख्य लाइनें प्रभावित हुई हैं, जिससे इलाके में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बाधित हो गई है। बीएसएनएल की तकनीकी टीम मौके पर मौजूद है और सेवाओं को बहाल करने में जुटी है। प्रशासन ने राहत की बात बताते हुए कहा कि वर्तमान में ‘शिल्ती सड़क’ यातायात के लिए पूरी तरह खुली है, जिसका इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के तौर पर किया जा सकता है।

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