हिमाचल प्रदेश में जुलाई महीने में नॉर्मल से 54 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। एक से 10 जुलाई के बीच सामान्य बारिश 67.8 मिमी होती है, लेकिन इस बार 104.1 मिमी बादल बरस चुके है। राज्य में इससे लगभग 320 सड़कें और 200 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े है। राहत की बात यह है कि बीते दो दिनों तक भारी बारिश के बाद मानसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- आज से अगले छह दिन तक किसी भी जिला में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट नहीं है। हालांकि, यलो अलर्ट जरूर दिया गया है। IMD ने यह अलर्ट कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला को दिया है। इन जिलों में कुछेक स्थानों पर 11 से 14 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए रहने या हल्की बूंदाबांदी के आसार है। भुंतर का पारा सामान्य से 9.6॰C नीचे गिरा इससे अगले पांच-छह दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 5॰C तक का उछाल आएगा। अभी ज्यादातर शहरों का तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री तक नीचे गिरा हुआ है। भुंतर का पारा नॉर्मल से 9.6॰C गिरने के बाद 22.2॰C, सोलन का 7.4॰C लुढ़कने के बाद 21.5॰C, मनाली का 5.7॰C कम होने के बाद 20.2॰C और शिमला का पारा सामान्य से 3.5॰C गिरने के बाद 19.5॰C रह गया है। अन्य शहरों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 18 से 24 जुलाई तक फिर भारी बारिश IMD के मुताबिक- 18 से 24 जुलाई से मानसून फिर स्ट्रांग होकर बरसेगा। इससे पहाड़ों पर फिर से भारी बारिश के आसार है। बीते दो दिनों के दौरान भी पहाड़ों पर सामान्य से 200 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।