पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज के वार्ड नंबर 2 (टीपा रोड से धर्मकोट) में मानसून की बारिश के बीच एक बड़ी तबाही का खतरा मंडरा रहा है। यहां नगर नियोजन और पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर अंधाधुंध निर्माण कार्य जारी हैं।रसूखदारों द्वारा बहुमंजिला भवनों के निर्माण के लिए एक दर्जन से अधिक हरे-भरे देवदार और वन के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है। इन निर्माण कार्यों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। बारिश के पानी की निकासी के लिए बने मुख्य सरकारी नाले को मलबे से पाट दिया गया है। इसके भीतर स्थायी सीमेंट के पक्के अवैध ढांचे भी खड़े कर दिए गए हैं, जिससे ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। इस स्थिति के कारण सड़कों और रिहायशी मकानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा पैदा हो गया है। भारतीय सेना से 2021 में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी की पत्नी और स्थानीय निवासी भूमिजा सिंह कंवर ने वार्ड पार्षद व मेयर शमशेर नैहरिया को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। मिट्टी और मलबा सीधे सरकारी नाले में फेंका शिकायत पत्र के अनुसार, इलाके में चल रही व्यावसायिक निर्माण गतिविधियों के कारण टनों ढीली मिट्टी और मलबा सीधे सरकारी नाले में फेंका जा रहा है। पानी के प्राकृतिक बहाव को रोकने के लिए नाले के भीतर ही सीमेंट के पक्के निर्माण किए गए हैं। बारिश का पानी सड़कों और घरों की तरफ मुड़ा ड्रेनेज ब्लॉक होने से बारिश का पानी सड़कों और लोगों के घरों की तरफ रुख कर रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। शिकायत के बावजूद नगर निगम की ट्री ऑफिसर ने फोन नहीं उठाया, और उनके दफ्तर का टेलीफोन भी अभी तक शिफ्ट नहीं हुआ है।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
“शिकायत मिलने के बाद क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। निर्माण कार्य निजी भूमि पर चल रहे हैं। नाला वन भूमि में आता है या सरकारी भूमि पर, इसकी स्पष्ट जानकारी राजस्व विभाग (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) से रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगी। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।” -विनोद कुमार, बीट गार्ड, वन विभाग (मैक्लोडगंज) पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगा एक्शन
“मामला गंभीर है। मैं मौके का निरीक्षण करूंगा और ट्री ऑफिसर को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के लिए लिखित आदेश दूंगा। पर्यावरण और नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।”-शमशेर नैहरिया, मेयर, नगर निगम ट्री ऑफिसर ने नहीं उठाया फोन एक तरफ मेयर कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम की ट्री ऑफिसर तनवी गुप्ता ने मोबाइल अटेंड नहीं किया। हैरानी की बात यह भी है कि नगर निगम कार्यालय का आधिकारिक टेलीफोन अभी तक शिफ्ट ही नहीं हो पाया है, जिससे आम जनता अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए भटक रही है।

Spread the love