तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा ने अपने 91वें जन्मदिन पर दुनिया भर से मिली शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया है। नई दिल्ली में घुटने की सफल सर्जरी के बाद वे इन दिनों लद्दाख में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यहीं से उन्होंने विश्व बिरादरी के नाम एक संदेश जारी किया। अपने संदेश में दलाई लामा ने कहा कि उनके जीवन का मूल उद्देश्य दूसरों की भलाई करना रहा है। उन्होंने करुणा और दयालुता को सार्थक जीवन का आधार बताया। लद्दाख के लेह में आयोजित एक सभा में अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं अपने जीवन के इस पड़ाव पर पीछे मुड़कर देखता हूं, तो पाता हूं कि दूसरों की सेवा ही मेरा मुख्य ध्येय रहा है। जीवन में सहानुभूति का अभ्यास करने की अपील संसार को सभी के लिए एक बेहतर स्थान बनाने के लिए करुणा और दयालुता का प्रसार करना सबसे आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी से दूसरों के कल्याण के लिए सच्ची चिंता रखने व दैनिक जीवन में सहानुभूति का अभ्यास करने की अपील की। उनके अनुसार, यही एक वास्तविक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का सही अर्थ है। लद्दाख का मौसम स्वास्थ्य के लिए बेहद अनुकूल गौरतलब है कि पिछले महीने दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल सर्जरी देश की राजधानी नई दिल्ली में हुई थी। डॉक्टरों की सलाह पर वे इन दिनों लद्दाख में आराम कर रहे है। दलाई लामा ने बताया कि लद्दाख का मौसम उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद अनुकूल साबित हो रहा है। प्रार्थनाओं और मंगलकामनाओं के साथ संदेश पूर्ण रूप से स्वस्थ होने और पूरी तरह से ठीक होने के लिए वे अगले कुछ हफ्तों तक लद्दाख में ही प्रवास करेंगे। धर्मगुरु ने अपने संदेश का समापन दुनिया भर के लोगों के लिए अपनी प्रार्थनाओं और मंगलकामनाओं के साथ किया।

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