हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल अंब में रविवार को स्वां नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण एक बेहद खौफनाक मंजर देखने को मिला। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसकी चपेट में आकर नंदपुर से कुठेहड़ा की ओर जा रही एक पिकअप गाड़ी तेज बहाव के बीच फंस गई। गनीमत यह रही कि स्थानीय निवासियों ने समय रहते साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, जिससे वाहन में सवार तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। नदी के बीच पहुंचते ही आया सैलाब प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप गाड़ी जैसे ही नदी पर बने एक अस्थायी रास्ते (पुल) के जरिए बीच मंझधार में पहुंची, तभी अचानक पीछे से स्वां नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते पानी की लहरें गाड़ी को अपनी चपेट में लेने लगीं, जिससे उसमें सवार तीनों यात्रियों की सांसें अटक गईं और उनकी जान पर बन आई।
क्रेशर की भारी मशीनरी से निकाला गया वाहन बीच नदी में जिंदगी और मौत से जूझ रहे लोगों को देखकर किनारे पर मौजूद ग्रामीण तुरंत एक्शन में आए। बिना एक पल गंवाए स्थानीय निवासियों ने जान की बाजी लगाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे तीनों लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर खींच निकाला। इसके बाद, पास ही स्थित एक क्रेशर उद्योग की पोकलेन/जेसीबी जैसी भारी मशीनरी को मौके पर बुलाया गया और उसकी मदद से उफनती नदी के बीच फंसे वाहन को भी सुरक्षित किनारे लगाया गया। 40 किलोमीटर के दायरे में नहीं है कोई स्थायी पुल इस हादसे के बाद प्रशासन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने बताया कि घालूबाल से लेकर मुबारिकपुर तक स्वां नदी के लगभग 40 किलोमीटर लंबे दायरे में कोई भी पक्का या स्थायी पुल नहीं है। इस वजह से दर्जनों गांवों के लोगों को मजबूरी में जान हथेली पर रखकर रोजाना इन अस्थायी पुलों या नदी के कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। हर साल मानसून के सीजन में यहाँ मौत का खेल चलता है। पिछले साल भी हुई थी मौतें, फिर प्रशासन ने नहीं उटाया कदम ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि पिछले वर्ष भी ठीक इसी जगह पर नदी पार करते समय दो लोग पानी के तेज बहाव में बह गए थे, जिनकी डूबने से मौत हो गई थी। इतनी बड़ी जनहानि के बावजूद न तो सरकार जागी और न ही लोक निर्माण विभाग ने यहाँ पुल बनाने की जहमत उठाई। प्रशासन से सख्त एडवाइजरी जारी करने की मांग

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