हिमाचल प्रदेश में स्ट्रांग एंट्री के बाद मानसून की रफ्तार आज और कल थोड़ी धीमी रहेगी। इससे अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश से राहत मिलने के आसार हैं। सोलन और सिरमौर जिलों के कुछेक स्थानों पर जरूर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन अन्य जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रहेगी। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 6 जुलाई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर स्ट्रांग होकर सक्रिय होगा। इसे देखते हुए 6 और 7 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट तथा ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 8 और 9 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश भागों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आज और कल तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना रहेगा, जबकि परसों से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। 49 सड़कें, 3 ट्रांसफॉर्मर बंद प्रदेश में बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद 49 सड़कें, 3 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 23 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। संबंधित विभाग सड़क, विद्युत आपूर्ति और पेयजल योजनाएं बहाल करने में जुटे हुए हैं। किन्नौर में सामान्य से 423% ज्यादा बारिश राज्य में बीते तीन दिनों के दौरान सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। IMD के अनुसार, 1 से 3 जुलाई के बीच सामान्य तौर पर 15 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 30.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सामान्य की तुलना में किन्नौर जिले में 423 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। कुल्लू में 195 प्रतिशत, बिलासपुर में 37 प्रतिशत, चंबा में 107 प्रतिशत, हमीरपुर में 45 प्रतिशत, कांगड़ा में 125 प्रतिशत, मंडी में 46 प्रतिशत, शिमला में 117 प्रतिशत, सिरमौर में 143 प्रतिशत, सोलन में 140 प्रतिशत और ऊना जिले में 130 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। लाहौल-स्पीति इकलौता जिला रहा, जहां सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई।