हिमाचल प्रदेश में मानसून की अच्छी शुरुआत हुई है। राज्य में दो दिनों के दौरान नॉर्मल से 211 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इससे कई जगह जनजीवन पर भी असर पड़ा है। भारी बारिश के बाद राज्य में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- प्रदेश में मानसून अगले छह दिन तक एक्टिव रहेगा। IMD ने आज कांगड़ा और मंडी जिलों में कुछेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुल्लू, शिमला, सिरमौर और ऊना जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। तीन, पांच और छह जुलाई को राज्य के मध्यम ऊंचे व निचले इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। कल यानी 4 जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 जुलाई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा स्ट्रांग होकर बरसेगा। इससे अगले 48 घंटे तक कुछेक भागों में भारी बारिश की संभावना है। नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी IMD ने लोगों को भारी बारिश के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है। बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट राज्य में बीते तीन दिन से हो रही बारिश के बाद कई शहरों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री नीचे गिरने के बाद 27.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। केलांग का पारा नॉर्मल से 6.3 डिग्री कम होने के बाद 19.7 डिग्री, मनाली का 4.3 डिग्री लुढ़कने के बाद 21.7 डिग्री और कांगड़ा का 4.1 डिग्री कम होने के बाद 32.0 डिग्री सेल्सियस रह गया है।

Spread the love