चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर स्थित एक ढाबा संचालक ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी अब सराहना हो रही है। बिलासपुर के ढाबा संचालक आशु ने करीब 4 लाख रुपए मूल्य की नकदी और सामान उसके असली मालिक को सुरक्षित लौटाकर मानवता और ईमानदारी का परिचय दिया। बताया जा रहा है कि कुल्लू निवासी एक परिवार चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर स्थित आशु के ढाबे पर भोजन करने के लिए रुका। भोजन करने के बाद परिवार जल्दबाजी में अपना पर्स भूलकर चला गया। पर्स में सोने की चेन, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान रखा हुआ था, जिसकी कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई जा रही है। कुछ देर बाद ढाबा संचालक आशु की नजर पर्स पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया और उसके मालिक का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद परिवार से संपर्क हुआ। सही पहचान की पुष्टि होने पर आशु ने पर्स और उसमें रखा सामान उसके असली मालिक को सौंप दिया। मालिक ने आशु का आभार जताया अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर परिवार ने ढाबा संचालक आशु का दिल से आभार जताया और उनकी ईमानदारी की सराहना की। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी आशु के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के दौर में इस तरह की घटनाएं समाज में विश्वास और मानवता को मजबूत करने का काम करती हैं।

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