हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित धर्मशाला जिला कारागार से मंगलवार सुबह एक महिला विचाराधीन कैदी के फरार होने से पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी महिला को फरार होने के महज दो से तीन घंटे के भीतर नूरपुर क्षेत्र से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिला की पहचान 21 वर्षीय अरविंदर कौर निवासी तरनतारन (पंजाब) के रूप में हुई है। वह चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक मामले में न्यायिक हिरासत के तहत धर्मशाला जेल में बंद थी। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह जब बंदियों को बैरक से बाहर निकाला जा रहा था, उसी दौरान अरविंदर कौर ने सुरक्षाकर्मियों की नजर बचाकर जेल की ऊंची दीवार फांद दी और मौके से फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हो गया। पूरे कांगड़ा जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला पंजाब लौटने की योजना बना रही थी और उसने पठानकोट जाने के लिए एक टैक्सी भी बुक कर ली थी। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सीमा पार करने से पहले ही नूरपुर के पास पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। जेल महानिदेशक ने जांच के आदेश दिए इस सुरक्षा चूक को गंभीरता से लेते हुए जेल महानिदेशक ने मामले की एसपी स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद महिला बंदी जेल से भागने में कैसे सफल हुई। वहीं, आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाले दो जेल वार्डरों को ‘डीजी डिस्क’ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि अरविंदर कौर के खिलाफ जेल से फरार होने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया गया है। यह घटना प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करती है, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी सफलता भी दिलाई है।

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