हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री की नॉर्मल डेट (22 जून) बीत चुकी है, लेकिन अभी तक दस्तक के संकेत नहीं मिल रहे। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले एक सप्ताह के दौरान भी मानसून पहुंचने की संभावना कम है। ऐसे में राज्य में मानसून पहुंचने में इस बार काफी देरी हो सकती है। राज्य में अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। IMD के मुताबिक 1 से 23 जून तक हिमाचल में सामान्य तौर पर 66.7 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अभी तक केवल 49.9 मिलीमीटर बादल बरसे हैं। सोलन जिले को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। बीते दिनों मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश के साथ आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसका असर ज्यादा देखने को नहीं मिला। कई क्षेत्रों में दिनभर धूप खिली रही। इसके चलते प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों का अधिकतम तापमान एक दिन पहले के मुकाबले 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। केलांग का पारा 10.8 डिग्री बढ़ा लाहौल-स्पीति के केलांग में तापमान में सबसे ज्यादा 10.8 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। वहीं सुंदरनगर का पारा 6.4 डिग्री बढ़कर 35.5 डिग्री, भुंतर का तापमान 6 डिग्री की बढ़ोतरी के बाद 33.8 डिग्री, ऊना का तापमान 3.6 डिग्री बढ़कर 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। प्रदेश का औसत तापमान में 4 डिग्री का उछाल राजधानी शिमला में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 2.8 डिग्री बढ़कर 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंडी में तापमान 4.5 डिग्री बढ़कर 34.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान भी बीते दिन की तुलना में करीब 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। 28 जून तक हल्की बारिश के आसार हालांकि मौसम विभाग ने अगले छह दिनों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। लेकिन फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी रहने से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ सकती है। मानसून की देरी का असर आने वाले दिनों में बारिश के वितरण पर भी पड़ सकता है।

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