हिमाचल प्रदेश के विद्युत उपभोक्ता बिजली के बढ़े हुए बिलों से परेशान है। 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने 2 मीटरों से अधिक पर सब्सिडी खत्म कर दी है। इसकी ज्यादा मार शहरी उपभोक्ताओं पर पड़ रही है। BJP के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने कांग्रेस सरकार पर बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब फ्यूल चार्ज, टैक्स और अन्य शुल्कों के जरिए जनता से अतिरिक्त वसूली कर रही है। राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू सरकार खुद को टैक्स फ्री बजट पेश करने वाली सरकार बताती है, लेकिन बिजली बिलों में नए शुल्क जोड़कर उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्यूल चार्ज में बढ़ोतरी से सरकार के दावों और धरातल की स्थिति में अंतर सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहतों में कटौती की और अब नए शुल्क लागू कर दिए हैं। इससे आम परिवारों के बिजली खर्च में बढ़ोतरी हो रही है। बिजली बिल पर तरह-तरह के चार्ज लगाकर लोगों पर आर्थिक बोझ डाला: जम्वाल जमवाल ने कहा कि प्रदेश के कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज, सेस और अन्य शुल्कों के कारण वृद्धि हुई है। इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग, किसान, कर्मचारी और छोटे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बिजली उपभोक्ताओं पर 33.8 पैसे प्रति यूनिट का फ्यूल चार्ज लगाया गया है। सरकार इसे तकनीकी प्रक्रिया बता रही है, लेकिन इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को इसके चलते ज्यादा भुगतान करना होगा। पावर स्टेट में महंगी बिजली भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है, बावजूद इसके प्रदेशवासियों को महंगी बिजली और बढ़ते शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों से बिजली उत्पादन होने के बावजूद आम जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। वित्तीय कमियों को छिपाने के लिए नए-नए शुक्ल लगाए जा रहे जम्वाल ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी वित्तीय कमियों को छिपाने के लिए लगातार नए शुल्कों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि कभी सेवाओं के दाम बढ़ाए जाते हैं तो कभी बिजली उपभोक्ताओं पर नए चार्ज लगाए जाते हैं, जिससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुफ्त सुविधाओं के वादे अब सवालों के घेरे में हैं। सरकार को बिजली बिलों में लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों और टैक्सों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए। जमवाल ने कहा कि भाजपा बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से बिजली बिलों में की गई शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की।