भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना में एआईसीटीई समर्थन इंटर्नशिप कनेक्ट कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। यह कार्यक्रम 15 जुलाई तक चलेगा, जिसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सहित विभिन्न उभरते क्षेत्रों में शोध का अवसर प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के लिए कुल 87 छात्रों का चयन किया गया है, जिनमें 74 प्रशिक्षु (38 लड़के और 36 लड़कियां) शामिल हैं। ये प्रतिभागी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न संस्थानों से आए हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USPY) के तहत आने वाले छात्रों को शैक्षणिक और शोध संबंधी अनुभव प्रदान करना है, जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग की जानकारी दी जाएगी इंटर्नशिप के दौरान छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), लो-पावर वीएलएसआई डिजाइन, क्वांटम कंप्यूटिंग, सिग्नल प्रोसेसिंग, डेटा साइंस, स्वास्थ्य सेवाओं में फेडरेटेड लर्निंग, शिक्षा में एआई, बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग, जैव प्रौद्योगिकी एवं बायोइन्फॉर्मेटिक्स, पार्टिकल फिजिक्स और साइबर हमलों के गणितीय मॉडलिंग जैसे अंतर्विषयक शोध क्षेत्रों में कार्य करेंगे। प्रतिभागियों को पाइथन, R, MATLAB और सिम्युलिंक जैसे आधुनिक उपकरणों और प्लेटफॉर्म पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। छात्रों की बुनियादी समझ को मजबूत करते हैं प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए IIIT ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने शैक्षणिक संस्थानों को प्रशिक्षुओं के लिए प्रथम इंटर्नशिप अनुभव के रूप में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों की बुनियादी समझ को मजबूत करते हैं और उन्हें नई तकनीकों, शोध पद्धतियों तथा नवाचार-आधारित शिक्षण वातावरण से परिचित कराते हैं। प्रो. गौर ने प्रतिभागियों को नए अनुभवों, चुनौतियों, ज्ञान और पेशेवर संपर्कों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षुओं को उनके शोध और शिक्षण कार्यों में मार्गदर्शन देने के लिए संकाय मार्गदर्शकों की एक टीम मौजूद रहेगी। इसमें डॉ. नमन गर्ग, डॉ. अंकुर ठाकुर, डॉ. शत्रुघ्न मोदी, डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. लक्ष्मणिका, डॉ. सतेंद्र सिंह, डॉ. प्रिंस शर्मा, प्रांशु शर्मा, सतीश कुमार, डॉ. सोनू और डॉ. मदन लाल वर्मा शामिल हैं। डॉ. तनु बढ़ेरा इस कार्यक्रम की समन्वयक हैं।

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