अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के आदित्य शर्मा (23) का आज पैतृक गांव भालू में अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले आदित्य के शव का हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, क्योंकि आदित्य के परिजन ओमान में पोस्टमार्टम कराने से मुकर गए थे। हमीरपुर में पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को कुछ देर तक अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा जाएगा। आदित्य शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। आदित्य की बीते 9 जून को अमेरिकी हमले में जान चली गई थी। औपचारिकताएं पूरी करने में देरी की वजह से उनकी पार्थिव देह आठ दिन बाद भारत लाई गई। बीते कल मुंबई से हवाई मार्ग से डेडबॉडी चंडीगढ़ लाई गई। चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से शव को हमीरपुर लाया गया। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल डेडबॉडी लेने चंडीगढ़ गए थे। डेक कैडेट थे आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड कंपनी के तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर आदित्य शर्मा बतौर डेक कैडेट तैनात थे। यह उनकी पहली नौकरी थी। घर पर उनके छुट्टी पर आने की खुशी थी। मगर इससे पहले ही आदित्य शर्मा अमेरिकी हमले का शिकार बन गए। इससे खुशिया मातम में तब्दील हो गई। 21 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित बचाया गया अमेरिकी हमले में आदित्य समेत तीन भारतीयों की मौत हो गई थी, जबकि जहाज पर सवार 21 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इकलौती संतान थे आदित्य आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की पंचायत हड़ेटा के गांव भालू के रहने वाले थे। उनके पिता पंजाब के जालंधर में व्यवसाय करते हैं। आदित्य ने जालंधर से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद चैन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स और स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की। फिर 24 नवंबर 2025 को मर्चेंट नेवी में उन्हें नौकरी मिली।