हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्या के मामले में कांग्रेस सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जयराम ने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते गंभीरता बरती होती, तो इस घटना को रोका जा सकता था। जयराम ठाकुर ने कहा कि मृतक महिला पिछले कुछ समय से अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस और सरकार से लगातार गुहार लगा रही। बावजूद इसके महिला को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला द्वारा जताई गई आशंकाएं अंततः सच साबित हुईं और उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा- यह घटना सरकार की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू को जिम्मेदार ठहराया नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ने तर्क दिया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। राज्य में निरंतर बढ़ रही ऐसी घटनाएं जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे और अपराधियों में कानून का डर बना रहे। बीते 12 अप्रैल की ही मंडी के सरकाघाट में स्कूल जा रही बच्ची की दराट से दिनदाहाड़े काटकर हत्या कर दी गई थी। कुछ समय पहले चंबा में एक युवक की नृशंस हत्या की गई। दो दिन पहले भी चंबा में ही एक युवक का मर्डर कर शव नाले में फेंका गया।

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