हिमाचल के शिमला में रेवाड़ी की महिला की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। महिला संजौली में सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल चलाती थीं। शनिवार शाम को स्कूल परिसर में ही उन्हें अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। महिला के शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में रखवाया है। संजौली थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मृतका की पहचान मनीषा मित्तल (41) के तौर पर हुई है। उनका रोहतक के रहने वाले भाई हिमांक मित्तल के साथ स्कूल को लेकर विवाद चल रहा था। मीनाक्षी की हत्या से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि हिमांक उसे मारने की धमकियां दे रहा है। 18 साल पहले हुई थी शादी, कोर्ट केस चल रहा मनीषा की शादी 18 साल पहले रेवाड़ी के डॉ. सुभाष के साथ हुई थी। उनकी लगभग 17 साल की एक बेटी है। उनके पति रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में कार्यरत हैं। मनीषा का अपने पति के साथ भी विवाद चल रहा था। रेवाड़ी की फैमिली कोर्ट में केस चल रहा है। पिछले करीब एक साल से मनीषा अपनी बेटी के साथ गोल्डन विला सोसाइटी स्थित अपने फ्लैट में रह रही थी, जबकि उनके पति सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं। पति बोले- भाई ने प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की मनीषा के पति डॉ. सुभाष ने बताया कि मनीषा का रोहतक निवासी भाई हिमांक के साथ साल 2021 से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में शिमला कोर्ट में जून महीने के पहले हफ्ते में सुनवाई हुई थी, जिसके बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थीं। भाई पहले भी कई बार मनीषा पर हमला कर चुका है। प्रॉपर्टी विवाद के चलते उनके भाई ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। SSP बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की शिमला के SSP गौरव सिंह ने कहा- आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर रेड की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य जानकारियां भी जुटा रही है। अब जानिए मनीषा ने वीडियो में क्या कहा… मम्मी-पापा के निधन के बाद एक्टिंग प्रेसिडेंट बनी मनीषा ने कहा- “मैं अपने मम्मी-पापा के समय में सरस्वती पैराडाइज स्कूल की वाइस प्रेसिडेंट थी। मम्मी-पापा के निधन के बाद मैं स्कूल की एक्टिंग प्रेसिडेंट बन गई, लेकिन भाई हिमांक मित्तल मुझे पूर्व मेंबर दिखा रहा है, जबकि मेरे पास सभी डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। इस मामले में हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है। उन्होंने नकली दस्तावेज बनवाकर मेरे खिलाफ कार्रवाई करवाई। कोर्ट के फैसले के बाद स्कूल में एंट्री की आगे कहा- जब फैसला मेरे पक्ष में आया, तो इस साल जनवरी में मैंने स्कूल में एंट्री की। मैंने इसकी जानकारी एसपी साहब को भी दी थी। पिछले कई महीनों से मैं स्कूल में ही हूं और मैंने किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होने दी। मैंने पूरी कोशिश की कि स्कूल सही तरीके से चले। हालांकि यहां फीस को लेकर पहले से विवाद चल रहे थे। मैंने जब प्रिंसिपल से बात की तो उन्होंने कहा कि वह हिमांक की बात मानेंगे। क्या यही तरीका होता है? क्या मैं पागल हूं जो यहां बैठी हूं? यह मेरे पापा की प्रॉपर्टी है। हिमांक ने स्कूल में आकर ताले लगा दिए मनीषा ने कहा- हिमांक मित्तल, गोविंद और उसके कुछ साथी गुंडों के साथ स्कूल आता है। जब मैं तबीयत खराब होने के कारण घर पर आराम कर रही थी, तब उन्होंने स्कूल में ताले लगा दिए। उस समय पेरेंट्स भी मौजूद थे। जब पुलिस बुलाई गई तो टीचर वहां से चले गए। मोहित और संजू ने मुझे कहा कि आप यहां नहीं रह सकतीं। मैंने पूछा कि मैं यहां क्यों नहीं रह सकती, मुझे कारण बताया जाए। वीडियो डाला तो तुझे धमकी दी इसके बाद मैंने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट किया। पुलिस ने कहा कि जब झगड़ा होगा तो हम आ जाएंगे, तो क्या तब आएंगे जब मुझे नुकसान हो जाएगा? मैं यहां अपनी बेटी के साथ अकेली हूं। मैंने एसपी साहब को फोन किया तो उन्होंने कहा कि शिकायत दे दीजिए। जब मैंने फेसबुक पर वीडियो डाला, तो मुझे धमकी दी गई कि देख लूंगा। फोन हैक कर गलत कमेंट किए उन्होंने कहा कि मेरा फोन हैक किया गया और मुझे गालियां दी गईं। मेरी बेटी की फोटो पर भी गलत कमेंट किए गए। मुझे लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। कोर्ट में केस चल रहा है, लेकिन फिर भी मुझे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। कुछ पेरेंट्स भी उनका साथ दे रहे हैं और कह रहे हैं कि स्कूल खाली करना पड़ेगा। मैं बस यही चाहती हूं कि मेरी बात आगे तक पहुंचाई जाए।”