हिमाचल प्रदेश के पर्यटन शहर धर्मशाला के नगर निगम में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य लेखा परीक्षा (ऑडिट) विभाग की वर्ष 2024-25 की हालिया निरीक्षण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, निगम के अधिकारियों ने विभिन्न मदों से होने वाली करोड़ों रुपये की वसूली को रोक रखा है और इसका कोई पुख्ता रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया है। इस मामले का संज्ञान हिमाचल प्रदेश विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति ने लिया है। ऑडिट विभाग के अतिरिक्त निदेशक जितेंद्र सिंह ने धर्मशाला नगर निगम के आयुक्त को एक कड़ा पत्र जारी किया है। इसमें सभी गंभीर आपत्तियों पर तत्काल ‘सटिप्पण उत्तर’ और स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए मामलों में से एक आईपीएल मैचों से संबंधित है। धर्मशाला में 5 से 9 मई 2024 तक आयोजित आईपीएल मैचों के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) ने शहर में होर्डिंग्स लगाने हेतु नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया था। इसके बदले में, 31 मई 2024 को नगर निगम के आईसीआईसीआई बैंक खाता संख्या 0483 में 13.25 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए गए थे। हालांकि, नगर निगम के पास इस राशि की गणना का कोई रिकॉर्ड या दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। शहर में लगी कुल होर्डिंग्स की संख्या, उनके स्थान और प्रति होर्डिंग वसूली गई दर का विवरण भी गायब है। ऑडिट टीम के बार-बार मांगने पर भी निगम प्रशासन यह रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाया और पूरी तरह मौन साधे बैठा रहा। ग्राउंड की कमाई का अता-पता नहीं, रेहड़ी-फड़ी वालों का ₹1.47 करोड़ दबाया वित्तीय लापरवाही का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता: दाड़ी मेला ग्राउंड का झोल: वर्ष 2024-25 में दाड़ी मेला ग्राउंड से नगर निगम को ₹7.03 लाख की आय हुई, लेकिन इस कमाई से जुड़ा कोई भी प्रामाणिक दस्तावेज या रसीद बुक ऑडिट टीम को नहीं दिखाई गई। विसंगतियां दूर कर जल्द देंगे जवाब
“ऑडिट रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं और विसंगतियों को बारीकी से देखा जा रहा है। इन सभी कमियों को दूर कर जल्द ही ऑडिट विभाग को निगम की ओर से विस्तृत और सटिप्पण जवाब भेज दिया जाएगा।”
सुरिंदर कुमार, जॉइंट कमिश्नर, नगर निगम धर्मशाला।