मंडी जिला में मर्ज किए गए कोटली कॉलेज को बंद न करने के लिए बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने आर पार की लड़ाई लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘यह मेरा कॉलेज है, मैंने इसे खुलवाया है। अगर इसे बचाने के लिए मुख्यमंत्री से भी लड़ना पड़ा तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।’ अनिल शर्मा ने यह बात आज सुबह कोटली कॉलेज को बचाने की मांग को लेकर उनके पास आए लोगों से कही। उन्होंने कहा कि कोटली कॉलेज उनकी पहल का परिणाम है। इसे बचाने के लिए वे हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। छात्रों और अभिभावकों से मुलाकात के बाद अनिल शर्मा ने कहा कि कोटली कॉलेज को लगभग 12 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मंजूरी दिलवाकर खोला गया था। अनिल ने कहा कि उस समय क्षेत्र में कॉलेज की कोई बड़ी मांग नहीं थी, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने कोटली कॉलेज खोला था। उन्होंने कहा कि तब कॉलेज खोलने के दौरान पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांग पर कॉलेज खोला गया। सीएम से एक साल के अतिरिक्त समय की करेंगे मांग: अनिल अनिल शर्मा ने कहा कि कॉलेज के सामने सबसे बड़ी चुनौती विद्यार्थियों की कम संख्या है। उन्होंने पिछले वर्ष भी इस बारे में चेतावनी दी थी कि यदि छात्र संख्या नहीं बढ़ी तो कॉलेज पर संकट आ सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि छात्रों और अभिभावकों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है। अब मुख्यमंत्री से मिलकर कॉलेज के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय मांगा जाएगा, ताकि छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा सकें। विधायक ने अपनी पार्टी के नेता पर निशाना साधा इस दौरान अनिल शर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेता भुवनेश ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं, वे उस समय कहां थे जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे। यदि कॉलेज की इतनी चिंता थी तब इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया गया। सोशल मीडिया की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं समाजसेवियों पर तंज कसते हुए विधायक ने कहा कि कुछ लोग केवल सोशल मीडिया में बने रहने और सुर्खियां बटोरने के लिए आमरण अनशन जैसी बातें करते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि जब शिक्षा मंत्री से मुलाकात की गई तो विधायक को साथ बुलाने की आवश्यकता क्यों नहीं समझी गई। उन्हें सोशल मीडिया की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का विकास और कोटली कॉलेज को बचाने के लिए वे हरसंभव प्रयास का है। सरकार ने कम स्टूडेंट वाले 10 कॉलेज बंद किए बता दें कि सुक्खू सरकार ने बीते 5 जून को राज्य में 100 से कम छात्र संख्या वाले 10 डिग्री कॉलेज मर्ज किए है। इनमें मंडी का कोटली कॉलेज भी शामिल है। हालांकि, 10 कॉलेज में से तीन को सुक्खू सरकार जनता के विरोध के बाद बहाल कर चुकी है। मगर सात को बंद करने के फरमान जारी है।