हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में नीरज भारती द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए डोप टेस्ट करवाने की चुनौती दी। वर्मा ने कहा कि वह बुधवार को चंडीगढ़ में नीरज भारती द्वारा बताए गए किसी भी अधिकृत लैब में डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके शरीर में शराब या किसी भी नशे की एक बूंद भी पाई जाती है, तो वह किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हैं। वह अपना कार्य पूरी निष्ठा से करते हैं। यदि उनके किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार साबित होता है, तो वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। अजय वर्मा ने नीरज भारती को मर्यादा में रहकर बात करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा उन्हें एचआरटीसी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि तब भी अपने चहेतों को पद दिए गए थे और कोई आलोचना नहीं हुई थी। वर्मा ने यह भी कहा कि इस पद की आलोचना करना पूरे कांगड़ा क्षेत्र की आलोचना करने जैसा है। एचआरटीसी के किसी भी कर्मचारी का वेतन लंबित नहीं नीरज भारती द्वारा निगम के कामकाज पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए वर्मा ने स्पष्ट किया कि एचआरटीसी के किसी भी कर्मचारी का वेतन लंबित नहीं है और सभी को समय पर भुगतान मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी कर्मचारी की पेंशन भी लंबित नहीं है। इस व्यवस्था के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया। जल्द ही 300 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी वर्मा ने निगम की भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही 300 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, खराब चल रही बसों की कमियों को भी दूर किया जाएगा ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।