भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य चुनाव आयोग के कामकाज और जमीनी स्तर की तैयारियों की समीक्षा करना था। इस दौरान उन्होंने राज्य के चुनाव आयुक्तों से लेकर बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) तक से सीधा संवाद किया, ताकि चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया जा सके। युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने और उन्हें मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने साईं स्टेडियम से ‘पेडल फॉर डेमोक्रेसी’ साइकिल रैली को रवाना किया। उन्होंने युवाओं से न केवल अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। इस भव्य जागरूकता रैली में स्थानीय युवाओं, स्कूली छात्रों, खेल प्रेमियों और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) सपडी के जवानों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। शुद्ध लोकतंत्र के लिए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की शुद्धि के लिए एक शुद्ध मतदाता सूची को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वोटर लिस्ट पूरी तरह त्रुटिहीन होनी चाहिए। इसमें डुप्लिकेट, मृत या विदेशी मतदाताओं के नाम नहीं होने चाहिए। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर पात्र युवा का नाम सूची में होना चाहिए, जबकि अपात्र लोगों को तुरंत बाहर किया जाए। चुनाव आयुक्त मतदाताओं का आभार अपने आधिकारिक दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं के बीच, समुद्र तल से लगभग 1,457 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम भी पहुंचे। वहां की अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाओं और प्राकृतिक सुंदरता को देखकर वे मंत्रमुग्ध हो गए और इसे पूरे देश की शान बताया। अंत में, उन्होंने लोकतंत्र के महापर्व में सक्रिय भागीदारी के लिए हिमाचल के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और नागरिकों से अपील की कि वे मतदान को अपना गौरव मानकर हर चुनाव में बूथ तक जरूर जाएं।

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