हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक एवं कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक विनय कुमार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को भेज दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। नीरज भारती ने 4 जून, 2026 को भेजे गए अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली और संगठन-सरकार के बीच बढ़ती दूरियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने हमेशा कांग्रेस के एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए अपने पत्र में नीरज भारती ने लिखा कि हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ संघर्ष करते हुए पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन सरकार बनने के बाद उन समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेहनती और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी है। हार्डकोर कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित: भारती नीरज भारती ने कहा कि अनेक निष्ठावान और हार्डकोर कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार जिन कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा उठाए रखा और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज वही कार्यकर्ता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे में सरकार और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यही स्थिति कार्यकर्ताओं में निराशा और हताशा पैदा कर रही है। वर्तमान परिस्थितियों के साथ स्वयं को सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ बताते हुए उन्होंने संगठनात्मक दायित्व से अलग होने का निर्णय लिया है। हालांकि नीरज भारती ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार भी जताया तथा कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा। कांग्रेस संगठन के भीतर असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा नीरज भारती के इस्तीफे को कांग्रेस संगठन के भीतर बढ़ती असंतोष की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब पार्टी संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है, प्रदेश उपाध्यक्ष का इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिन में कारण बताओ नोटिस किया था जारी वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने आज नीरज भारती को दिन में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें उन पर अनुशासनहीनता की बात कही गई थी। दरअसल, नीरज भारती पंचायती राज और निकाय चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद से ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घेरना शुरू कर दिया था।

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