हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन ने मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम चुनावों में मिली हार के बाद आत्ममंथन शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने हार के कारणों की पड़ताल के लिए 4 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता चेतराम ठाकुर को संयोजक बनाया गया है। पवन ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल और सत्यजीत सिंह नेगी को सदस्य नियुक्त किया गया है। कमेटी का मुख्य उद्देश्य नगर निगम चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के कारणों का पता लगाना है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी का लेगी फीडबैक कमेटी के संयोजक चेतराम ठाकुर ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि कमेटी केवल चुनावी परिणामों का अध्ययन नहीं करेगी। यह संगठन की कार्यप्रणाली, टिकट वितरण, चुनावी रणनीति, स्थानीय नेताओं की भूमिका और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे विभिन्न पहलुओं की भी गहन जांच करेगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं से फीडबैक लिया जाएगा। मंडी में एक सीट पर सिमटी कांग्रेस नगर निगम चुनावों के परिणाम कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक रहे थे। मंडी नगर निगम की 14 सीटों में से भाजपा ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस मात्र एक सीट पर सिमट गई। धर्मशाला और सोलन में भी पार्टी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। इन नतीजों ने संगठन के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हार की वजह सरकार के खिलाफ माहौल राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कमेटी यह भी जांच करेगी कि हार की वजह सरकार के खिलाफ माहौल था, संगठनात्मक कमजोरी थी या फिर गुटबाजी और आपसी खींचतान ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं की जवाबदेही भी तय हो सकती है और संगठन में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नेताओं की निगाहें रिपोर्ट पर टिकीं अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें इस कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट न केवल हार के कारणों को सामने लाएगी, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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