मंडी जिला परिषद की 36 सीटों के नतीजे घोषित होने के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि उसके समर्थित उम्मीदवारों ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा के अनुसार, 36 में से 25 सीटें जीतने का दावा यदि सही साबित होता है, तो जिला परिषद मंडी में अध्यक्ष पद पर भाजपा का उम्मीदवार ही बैठेगा। यह आंकड़ा भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्रदान करता है। पुराने नेताओं ने भी अपनी सीट बरकरार रखी इस बार के चुनाव में कई नए चेहरे जीतकर सामने आए हैं, जबकि कुछ अनुभवी और पुराने नेताओं ने भी अपनी सीट बरकरार रखी है। इस स्थिति ने अध्यक्ष पद की दौड़ को और भी दिलचस्प बना दिया है, जहां विजयी सदस्य अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्ष पद की चर्चाओं के बीच कुछ बड़े राजनीतिक परिवारों को झटका लगा है। राजनीतिक परिवार अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी और कांग्रेस की जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर को कोटली वार्ड से हार का सामना करना पड़ा है। इसी तरह, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी भी चुनाव नहीं जीत पाईं। इन हारों के कारण दोनों प्रमुख राजनीतिक परिवार अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। मजबूत दावेदारों के नाम चर्चा में जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए सराज, बल्ह, सदर, सुंदरनगर और धर्मपुर क्षेत्रों से जीतकर आए कुछ मजबूत दावेदारों के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी दल ने आधिकारिक तौर पर किसी नाम की घोषणा नहीं की है। भाजपा इस जीत को संगठन और सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर बता रही है। वहीं, कांग्रेस और अन्य निर्वाचित सदस्य भी अपने स्तर पर राजनीतिक समीकरण साधने और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने में जुटे हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होने की संभावना अगले तीन से चार दिनों में जिला परिषद मंडी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होने की संभावना है। इसके बाद यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि जिले की इस सबसे बड़ी पंचायत संस्था की कमान किसके हाथ में होगी।

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