हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के तहत आते उपमंडल चुराह में ‘बैरागढ़-साच पास-किलाड़’ मार्ग पर शुक्रवार रात एक अत्यंत भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें वाहन सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कालाबन के समीप पर्यटकों से भरी एक बोलेरो/इनोवा गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 500 फीट गहरी और सीधी खाई में जा गिरी। गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार किसी भी को संभलने का मौका नहीं मिला। दुर्गम घाटी और घने अंधेरे के कारण रेस्क्यू में आई बाधा यह खौफनाक हादसा शुक्रवार रात करीब 12 बजे पेश आया, जब यह वाहन बैरागढ़ पुलिस चेक पोस्ट को पार कर पांगी घाटी को जोड़ने वाले बर्फीले दर्रे ‘साच पास’ (Sach Pass) की ओर बढ़ रहा था। आधी रात को हुए इस हादसे के बाद जब तक सूचना मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी। क्षेत्र के अत्यंत दुर्गम, पथरीले भूगोल और घने अंधेरे के कारण तुरंत राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू करने में प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रविवार सुबह चलाया जाएगा संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की संवेदनशीलता और भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन, स्थानीय पुलिस और चुराह के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से रणनीति तैयार की है। शनिवार को परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद अब रविवार (31 मई) सुबह बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाने का फैसला लिया गया है, ताकि खाई में पड़े शवों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। बैरागढ़ कमेटी की जनता से भावुक अपील; सुबह 8 बजे जुटने का आह्वान 500 फीट गहरी और खड़ी खाई से आठ शवों को ऊपर मुख्य सड़क तक लाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस कठिन परिस्थिति को देखते हुए स्थानीय ‘बैरागढ़ कमेटी’ ने आम जनता से मानवीय आधार पर आगे आने की भावुक अपील की है। कमेटी के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के युवाओं और आम लोगों से आग्रह किया है कि वे रविवार सुबह ठीक 8:00 बजे बैरागढ़ में एकत्रित हों, ताकि मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाकर और रस्सियों के सहारे शवों को खाई से बाहर निकालने में प्रशासन और पुलिस की मदद की जा सके। हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस सड़क हादसे की सूचना मिलते ही तीसा और बैरागढ़ पुलिस की टीमें जांच में जुट गई हैं। अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान और वे कहां के रहने वाले थे, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस और जिला प्रशासन इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि हादसा चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुआ, सड़क पर पाला (बरफ) जमने से गाड़ी फिसली या फिर कोई तकनीकी खराबी इसकी वजह थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे चुराह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।