हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है ताकि देव आस्था और संस्कृति को संरक्षित किया जा सके। किन्नौर के डीसी अमित कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस विषय पर कैबिनेट मंत्री और विधायक जगत सिंह नेगी से भी विशेष रूप से सलाह ली जाएगी। डीसी किन्नौर ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का पूरा सम्मान करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय लोगों की देव आस्था को किसी भी तरह की ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी। 2 दिन में यात्रा को लेकर स्पष्ट होगी तस्वीर हालांकि, यात्रा होगी या नहीं, यह आगामी दिनों में होने वाले सरकारी विचार-विमर्श और स्थानीय प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा। प्रशासन सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई अंतिम निर्णय लेगा। 1 अगस्त से 15 अगस्त तक चलती है यात्रा गौरतलब है कि गत वर्ष किन्नर कैलाश यात्रा 15 जुलाई से शुरू हुई थी और 45 दिनों तक चली थी। जबकि आमतौर पर यह यात्रा हर वर्ष 1 अगस्त से 15 अगस्त तक चलती थी।