शिमला जिले के रामपुर स्थित निरथ पंचायत के शरण, डोई और कादल गांवों में भालुओं का आतंक बढ़ गया है। सोमवार रात को भालुओं ने एक गोशाला में घुसकर गाय को मार डाला और कई फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भालुओं ने क्षेत्र में 30 से 40 पलम के पेड़ों के साथ खुमानी और आड़ू के कई अन्य फलदार पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक लगभग 100 से 150 फलदार पेड़ों को नुकसान हुआ है, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। प्रभावित बागवानों में सुरेश कुमार, राजेश कुमार, मेहर सिंह और पिथ्वी लाल शामिल हैं। गांव में दहशत का माहौल शरण गांव में महेंद्र पुत्र दर्शन दास की गोशाला का दरवाजा तोड़कर भालू अंदर घुस गए। उन्होंने गोशाला में बंधी एक गाय को मार डाला। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल है। खेतों और बागानों में लोगों का जाना मुश्किल ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में चार से 5 भालू लगातार घूम रहे हैं, जिनमें दो मादा भालू अपने बच्चों के साथ देखी गई हैं। भालुओं के डर से ग्रामीणों के लिए दिन और रात के समय खेतों और बागानों में जाना मुश्किल हो गया है। विनोद कुमार, राजेश कुमार, धर्मपाल, सुरजीत सिंह, राज कुमार और जयवंती सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग को इस मामले की सूचना दी है। उन्होंने विभाग से जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बागवानों को हो रहे नुकसान से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भालुओं को आबादी वाले क्षेत्र से नहीं हटाया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।