हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव लड़ने की ग्रामीण जनता में होड़ सी लगी है। इस वजह से इलेक्शन कमीशन को आनन-फानन में ‘बैलेट पेपर’ दोबारा प्रिंट करने पड़ रहे हैं। कमीशन द्वारा पूर्व में छापे ‘बैलेट पेपर’ में 10 उम्मीदवारों के नाम लिखने का प्रावधान है। मगर राज्य की कई पंचायतों में उम्मीदवारों की संख्या 15 तक पहुंच गई है। दावेदारों की अधिक संख्या ने स्टेट इलेक्शन कमीशन की टेंशन बढ़ा दी है। मंडी के जिला परिषद बेहल वार्ड (नंबर 25) में सबसे ज्यादा 15 दावेदार चुनावी मैदान में है, यहां 16वां नोटा होगा। दावेदारों की संख्या अधिक होने के नया व लंबा चौड़ा बैलेट पेपर छापना पड़ रहा है। बिलासपुर के जिला परिषद वार्ड बड़गांव में भी 13 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। प्रधान के लिए कांगड़ा की पंजाहरा पंचायत में 14 उम्मीदवार प्रधान पद के लिए सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार कांगड़ा की पंजाहरा पंचायत में है। इसी तरह, उप प्रधान और बीडीसी के लिए भी उम्मीदवारों की संख्या 10 से अधिक हो गई है। ऐसे उम्मीदवार कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा है। इससे गांव की राजनीति में इस बार मुकाबला सिर्फ दिलचस्प नहीं, बल्कि भीड़भाड़ वाला हो गया है। यह दर्शाता है कि गांव की सरकार में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। चुनावी मैदान में 70 हजार 224 उम्मीदवार हिमाचल की 3 हजार 754 पंचायतों में 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान होना है। प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी और जिला परिषद के लिए अब चुनाव मैदान में लगभग 70 हजार 224 दावेदार बचे है। प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर की काउंटिंग वोटिंग वाले दिन पंचायत भवन में होगी और उसी दिन रिजल्ट घोषित होंगे। 31 मई को बीडीसी व जिला परिषद की काउंटिंग बीडीसी और जिला परिषद सदस्य की काउंटिंग 31 मई को जिला व ब्लॉक मुख्यालय में होगी। राज्य में 3 हजार 754 प्रधान, 3 हजार 754 उप प्रधान, 21 हजार 654 वार्ड मेंबर, 1 हजार 769 बीडीसी और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।