शिमला के रामपुर के जीएनएम प्रशिक्षण स्कूल खनेरी में छात्राओं के कथित शोषण, मानसिक उत्पीड़न और अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों ने प्रदेश सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। अभिभावकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग सहित कई उच्च संस्थानों को शिकायत पत्र भेजे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत पत्रों में आरोप लगाया गया है कि छात्राओं से शौचालय, मेस और परिसर की सफाई जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जाते हैं। उन्हें जंगल ड्यूटी और बंदरों को भगाने का काम भी करना पड़ता है। इसके अलावा, मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई गई है। अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में एसडीएम रामपुर और चिकित्सकों की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आई थीं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। संस्थान में टीबी संक्रमण की जानकारी मिलने से अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। अभिभावकों ने की थी प्रधानाचार्य को हटाने की मांग अभिभावकों ने खनेरी अस्पताल के एमएस को लिखित शिकायत देकर प्रधानाचार्या मधुबाला को जांच पूरी होने तक पद से हटाने की मांग की थी। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर उन्होंने रोष व्यक्त किया है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रधानाचार्या लगातार छात्राओं पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास कर रही हैं। अभिभावकों ने छात्राओं की सुरक्षा, गोपनीयता और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने किसी भी प्रकार की प्रताड़ना और शैक्षणिक नुकसान को रोकने, साथ ही एसएनए, हेल्थ और स्पोर्ट्स फंड की निष्पक्ष जांच करवाने की भी अपील की है।
भेजा गया शिकायती पत्र