देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक तीन रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद शिमला में प्रीमियम पेट्रोल 106.31 रुपए प्रति लीटर, नॉर्मल पेट्रोल 98.31 रुपए और डीजल 90.27 रुपए प्रति लीटर हो गया है। मंडी में नॉर्मल पेट्रोल 97.83 रुपए और डीजल 89.61 रुपए हो गया है। ऊना में पेट्रोल 93.31 रुपए से बढ़कर 96.03 रुपए, डीजल 85.42 रुपए से बढ़कर 88.01 रुपए और प्रीमियम पैट्रोल पहले 101.77 रुपए से बढ़कर 104.68 रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों के इस फैसले का असर आम जनता पर पड़ना तय है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। बसों के साथ मलाभाड़े पर भी इसका असर पड़ना तय है। इससे खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेगी। जानकारों की मानें तो अभी और भी रेट बढ़ सकता है। सेब बागवानों पर मार पड़नी तय राज्य में अगले महीने सेब सीजन भी शुरू होने जा रहा है। इससे सेब की ढुलाई महंगी होगी। बागवानों पर इसकी मार पड़नी तय है। राज्य में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने की तैयारी इस बीच आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार कभी भी पेट्रोल-डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक सेस लगा सकती है। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा के बजट सेशन में इसके लिए विधेयक पास कर रखा है। जनता पर दोहरी मार पड़नी तय संशोधन विधेयक में पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपए प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे अनाथ एवं विधवाओं से कल्याण के लिए राशि जुटाई जाएगी। ऐसे में सेस के लगते ही राज्य की जनता पर दोहरी मार पड़नी तय है।

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