हिमाचल प्रदेश में आज (7 मई) से पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। मगर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों में जरूरी दस्तावेजों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और वे विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। स्टेट इलेक्शन कमीशन के अनुसार- 10 तरह के दस्तावेज नॉमिनेशन के साथ जमा करने होंगे। ऐसा नहीं करने वाले दावेदारों का नामांकन पत्र रद्द हो सकता है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का किसी प्रकार का NOC नहीं, बल्कि सेल्फ डिक्लेरेशन देना होता है। सबसे पहले असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) से नॉमिनेशन फॉर्म-18 लेना होता है और इसे सही ढंग से भरना होता है। इसी तरह, पंचायत सेक्रेटरी द्वारा जारी फॉर्म 18(क) को भी ध्यान से भरना होता है। इसी तरह 18(ख) भी भरना जरूरी है। 31 हजार 214 पदों के लिए तीन दिन भरे जाएंगे नॉमिनेशन स्टेट इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार- 3 हजार 754 पंचायतों में सात, आठ और 11 मई को नॉमिनेशन भरे जाएंगे। इन तीन दिनों में 31 हजार 214 पदों के लिए नॉमिनेशन फाइल किए जाएंगे। इन नामांकन पत्रों की छंटनी 12 मई को होगी, जबकि 14 व 15 मई को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। 15 मई को दोपहर तीन बजे नॉमिनेशन वापसी के साथ ही चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसी दिन चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की तस्वीर साफ होगी। राज्य में 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान होगा। प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर के मतों की गणना पंचायत मुख्यालय में होगी। रिजल्ट मतदान वाले दिन ही आएंगे और उसी दिन घोषित होंगे, जबकि बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना ब्लॉक स्तर पर 31 मई को करवाई जाएगी। 3754 प्रधान चुने जाएंगे प्रदेश में इस बार 3,754 प्रधान, 3,754 उप प्रधान, 21 हजार 654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। कुल 31 हजार 214 जनप्रतिनिधियों के चुनाव के लिए 50 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रदेशभर में 21 हजार 678 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनकी लिस्ट आज जारी की जाएगी। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जहां मतदाताओं की संख्या अधिक होगी, वहां सहायक मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे। महिला मतदाताओं के लिए अलग मतदान केंद्रों पर महिला कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।