हिमाचल की राजधानी शिमला में ASI रैंक के एक पुलिस अफसर ने टैक्सी ड्राइवर को लात मारी। इससे जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद SP शिमला गौरव सिंह ने संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। ASI रैंक के एक पुलिस अधिकारी ने आशीष कुमार के टैक्सी ड्राइवर को गाड़ी और बाइक हटाने को कहा। इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हुई। इस दौरान टैक्सी ड्राइवर ने जब अधिकारी का नाम पूछा, तो अधिकारी ने आपा खो दिया और गुस्से में ड्राइवर को लात मार दी। यह घटना ड्राइवर के वीडियो में रिकॉर्ड हो गई, जिसे अब उसने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर पुलिस के बर्ताव को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। शिमला में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान विवाद शिमला में आज सुबह राष्ट्रपति की मूवमेंट थी। इस वजह से शहर में जगह-जगह ट्रैफिक रोका गया। शिमला की कई सड़कों पर पार्क किए गए वाहन हटाए गए। जिस ड्राइवर को पुलिस अधिकारी ने लात मारी, उसने भी शिमला के तवी मोड़ में गाड़ी और बाइक सड़क किनारे पार्क कर रखी थी। आशीष ने वीडियो जारी कर बताया कि पुलिस ने उसे गाड़ी हटाने को कहा। इस पर उसने कहा कि वह अकेला है, इसलिए या तो गाड़ी या फिर बाइक ही हटा पाएगा। इस पर पुलिस ने चालान करने की धमकी दी और मारपीट की। कुछ दिन पहले पत्रकार के साथ भी बदसलूकी शिमला में पुलिस की मनमानी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान, जब कांग्रेस के विधायकों को शिमला लाया गया था, उस समय भी एक पुलिस जवान ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की थी। तब भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हुए थे। हालांकि, पुलिस ने गलती मानते हुए जवान के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था।